क्रमाॅंक:- 187, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- भोले का पवित्र श्रावण मास
भोले का पवित्र श्रावण मास
पवित्र सावन मास में भोले का दरबार सजे।
सुबह-शाम भोले के दरबार में घंटा बजे।१।
कालों के महाकाल है भोलेनाथ भंड़ारी।
दया के सागर हैं भोले भस्माधारी।२।
भोलेनाथ का सुबह-सुबह करते हैं आरती।
भोलेनाथ सावन मास में सुंदर सजती।३।
सारे दुख दूर हो जाते हैं लेते आशुतोष नाम।
शंकर दुलारा नाम से शुरु करते काम।४।
शंकर दुलारा लिखा विनती से चारों वेद।
नहीं जान पाया कोई देव गणेश का भेद।५।
गौरी के लाला व शंकर दुलारा है गणेश।
गजानन है मूषक सवारी कहते हैं गणेश।६।
भोलेनाथ को पसंद है सावन के महिना।
भोलेनाथ का सर्प,जटा में गंगा है गहना।७।
कांवरिया लगाते हैं दिन-रात भोले का नारा।
विश्वनाथ है सभी भक्तों का सहारा।८।
भोलेनाथ को पसंद है चिलम,भांग पीना।
भोलेनाथ के भक्ति से जीवन सुख से जीना।९।
हमारा भोलेनाथ है पार्वती रूप के दीवाना।
आओ मिलकर मनाए पावन सावन महिना।१०।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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