क्रमाॅंक:- 193, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- आजादी का अमृत महोत्सव
आजादी का अमृत महोत्सव
भारत माॅं के चरणों की धुल माथे पर सजाऍंगे।
हिन्दुस्तान के हर घर में तिरंगा लाहराऍंगे।
जब तक है जान दिल से सलामी करें,
आजादी के अमृत महोत्सव मिलके मनाऍंगे।१।
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देश रक्षा करने की हो गई है जवानी।
माॅं भारती के रक्षा का चाहिए निशानी।
दिल से दें सलामी तिरंगा हमारी शान है।
मार्मिक व सुंदर है हिन्दुस्तान की कहानी।२।
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शीश झुकाकर तिरंगा झंडा को निहारूॅं।
वंदे मातरम्.. जय हिंद मैं पुकारूॅं।
सुंदर और प्यारा है हिन्दुस्तान हमारा।
देश प्रेम से मैं हिन्दुस्तान को सॅंवारूॅं।३।
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तीन रंग के तिरंगें को शान से देखूॅं।
मैं हमेशा हिन्दुस्तान को ही देखूॅं।
प्रिय सदा ही रहे हिन्दुस्तान का दीवाना।
हिन्दुस्तान के तिरंगे को ऊॅंचाइयों पर देखूॅं।४।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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