क्रमाॅंक:- 196, स्वतंत्रता दिवस के अमृत पर्व पर कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माॅं भारती को शत्-शत् नमन
माॅं भारती को शत्-शत् नमन
हिंद प्रेम के सागर में मैं खो गया।
मैं सदा तिरंगे की शान में खो गया।
तिरंगा सदा हिंद का पहचान बन गया।
माॅं भारती के चरणों में मैं खो गया।१।
सूर्य सा चमकता तिरंगे की आन।
सदा के लिए बढ़ेगा तिरंगे की मान।
जिस दिन वतन के लिए शहीद होंगे।
तिरंगे से लपटा जायेंगा मेरा तन।२।
मन की ऑखों में बसा है एक ही तस्वीर।
जनमों से देश भक्ति का सम्मान मिला।
एक दिन हिंद देश को विकसित बनाऊॅंगा।
हिंद को बचाने खातिर मुझको सम्मान मिला।४।
शहीद जवानों ने आज कुर्बानी दिया।
निर्भीक होकर जवान कुर्बान हो गया।
उच्च शिखर पर तिरंगा फहराने को,
मैं तिरंगे की शान में खो गया।५।
मेरे वतन को छोड़कर मैं नहीं जी पाऊॅंगा।
वियोग में ऑंखें नम किसी को ना कह पाऊॅंगा।
तिरंगा मेरी आन,बान,शान है।
वतन में रहकर ही मैं जी पाऊॅंगा।६।
हिंद देश को विकसित बनाऊॅंगा।
स्वर्ग से सुंदर हिंद को बनाऊॅंगा।
वतन के लोगों में प्रेम की सागर बहाऊॅंगा।
वतन के प्रति लोगों में जागरूकता लाऊॅंगा।७।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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