क्रमाॅंक:- 197, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आजादी के दीवाने
आजादी के दीवाने
किए हिन्द आजाद तुम, और दिए बलिदान।
रहकर आप गुलाम भी, जलते दीप समान।१।
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आजादी खातिर यहाँ, गँवा दिए हो जान।
अंग्रेजों के सामने, हो गए तुम कुर्बान।२।
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दीवाने तुम देश के, कहलाते आजाद।
शहीदों के कुर्बानी से, हिन्द हुए आबाद।३।
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गाथा गाये ये जगत, देख शौर्य आजाद।
आजादी पे ही सदा, हिन्द देश आबाद।४।
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धारण करके वो जनेउ, दुश्मन पर की वार।
दुश्मन सह नाहिं सके, वो आजाद प्रहार।५।
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सिंह जैसा हुंकार था, दुश्मन का वो काल।
रखे मूँछ पर ताव वो, तू आजाद विकराल।६।
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आजादी के वीर को,देश नाहिं भुल पाय।
प्रिय हरपल कहता रहा, मस्तक सभी झुँकाय।७।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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