क्रमाॅंक:- 214, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- चतुर्थ रूप- माॅं कूष्मांडा देवी
माॅं कूष्मांडा देवी
नव दुर्गा का रूप है; कूष्मांडा अवतार।
माता बिन संसार है; सदैव ही ॲंधियार।।१।।
अष्ट भुजा वरदायिनी; करती शेर सवार।
आलौकिक वरदान से; सूरज कर उजियार।।२।।
आदिशक्ति का रूप है; माॅं के हैं प्रतिरूप।
माॅं कूष्मांडा आ रही; लेकर दिव्य स्वरूप।।३।।
हर इंसानी प्राण को; कष्टों से दे तार ।
माॅं कूष्मांडा खुश लिए; जीवन को संवार ।।४।।
माता रानी आ रही; होके शेर सवार।
प्रिय करता है प्रार्थना; जीवन को संवार।।५।।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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