क्रमाॅंक:- 215, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- पंचम रूप- माॅं स्कन्दमाता
माँ स्कन्दमाता
नननव दुर्गा का रूप है; कार्तिकेय की मात।
माता है संसार की; करते उनकी बात।।१।।
माॅं दुर्गा प्रतिरूप है; मन को हरे स्वरूप।
आदि शक्ति अवतार है; स्कंदमात का रूप।।२।।
माॅं का सुंदर रूप तो; हरपल मन को भात।
कमलासन पे राजती; स्कंदमात वरदात।।३।।
माता का प्रतिरूप है; नाता रख इंसान।
स्कंदमात के रूप है; मानव तू पहचान।।४।।
करके वंदन मात की: भक्ती शक्ति को पाय।
माॅं नव दुर्गा आ रही; जीवन सुख हो जाय।।५।।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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