क्रमाॅंक:- 218, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- अष्टम रूप- माॅं महागौरी
माॅं महागौरी
अष्टम देवी रूप है; नव दुर्गा का स्वरूप। श्वेत वस्त्र धारण किये; ले गौरी प्रतिरूप।।१।।
दाएं हाथ त्रिशूल से; रक्षा कर संसार।
बाएं हाथ कमल लिए; दुष्टों का संहार।।२।।
अम्बे गौरी मात ने; सबको किया दुलार।
माँ के चरणों में सदा; मिलता मुझको प्यार।।३।।
श्वेतांबर तन पर सजे; गौरी माँ का रूप।
रहते बैल सवार वो; माॅं देवी प्रतिरूप।।४।।
आदिशक्ति का रूप है; सदा करें कल्याण।
माता चरणों से यहाँ; गीता मिला पुराण।।५।।
भक्त करें प्रिय वंदना; आके तेरे द्वार।
हर कष्टों से दूर माॅं; मेरा घर परिवार।।६।।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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