क्रमाॅंक:- 217, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सप्तम रूप- माॅं कालरात्रि

क्रमाॅंक:- 217, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सप्तम रूप- माॅं कालरात्रि

                     माँ कालरात्रि
नव दुर्गा का रूप है; शुभफल दायी मात।
माता हो संसार के; सबकुछ तुमको ज्ञात।।१।।

सदा भक्त की साधना; हरपल सुनना मात।
नव दुर्गा के रूप हो; दु:ख हरो हे मात।।२।।

देवी सप्तम रूप माँ; बिखरे काले केश।
माता भक्तन के हरो; सदैव सारे क्लेश।।३।।

कालरात्रि माँ से करे; जगत वंदना आज।
जीवन सुखमय हो सदा; सदा सफल हो काज।।४।।

कालरात्रि माँ रूप यह; आई मेरे द्वार।
माॅं दुर्गा प्रतिरूप का; सबको मिलता प्यार।।५।।

माता रानी आ रही; भक्तन के घर द्वार।
प्रिय करता है प्रार्थना; जीवन तुही सँवार।।६।।

    परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com टक्कर

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