क्रमाॅंक:- 222, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सत् ज्ञान की साधना
सत् ज्ञान की साधना
सत्य राह पे जो चले, सुखमय जीवन सार।
सत्यकर्म के कार्य में, होता जीवन पार।१।
गुरुवर देते शिष्य को, सदा सत्य का ज्ञान।
गलत राह से मुक्त हो, सदैव मिलता मान।२।
ईश मातु-पितु साथ है, जीवन सुखमय होत।
मोह जाल से मुक्त हो,नाव धर्म का खोत।३।
ज्ञान रचे इतिहास है, देता दर्शन राह।
सदा ज्ञान से जीत हो, रहे मान की चाह।४।
विद्या सबको प्राप्त हो, नित्य पढ़े सब लोग।
ज्ञान मिले सत मार्ग से, मिटे मोह का रोग।५।
करें ज्ञान की साधना, नित्य करो विश्वास।
निश्छल मन के भाव से, मन में हो प्रभु वास।६।
सदा मिले सत् ज्ञान है,जीवन में सम्मान।
गुरुवर देते ज्ञान है, मिटे सदा अज्ञान।७।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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