क्रमाॅंक:- 221, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कलम की धार
कलम की धार
सृजन करूॅं दिन-रात मैं;
सजाके कलम की धार।
साहित्य से जोड़ना है;
सदैव मन के तार।।१।।
माॅं शारदे के वरदान से;
जीवन हुआ उजियार।
पड़ा था असमंजस में;
जब जीवन था ॲंधियार।।२।।
दिल से करना है सृजन;
मन की बात लिखना है।
सत्य राह में चलकर सदा;
जीवन की कहानी पढ़ना है।।३।।
साहित्य समीक्षा नहीं हुआ;
उदास कभी नहीं होना है।
डर के घबराहट से कभी;
हौंसला नहीं खोना है।।४।।
अलग-अलग साहित्य विधा;
सदा दिल से सृजन करना है।
प्रबुद्ध जन साहित्यकारों से;
ज्ञान हमें अर्जित करना है।।५।।
काव्य लेखन पे कर विश्वास;
साहित्य से करो सदा प्यार।
माॅं शारदे ज्ञान के भंडार से;
मेरा जीवन लगा दे पार।।६।।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 221, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कलम की धार"
एक टिप्पणी भेजें