क्रमाॅंक:- 231, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पति-पत्नी का प्यार
पत्नी पति के लिए अपनी जान दे देती है,
औरत से बढ़कर कोई नहीं है इस दुनिया में।
सुख-दुख में जो साथ देती है,
वो पत्नी बने मेरी प्रेमिका।
पत्नी पति के लिए अपनी जान दे देती है,
औरत से बढ़कर कोई नहीं है इस दुनिया में।
त्याग और समर्पण है पत्नी का नाम,
पति की सेवा करती है रोज सुबह - शाम।
पुजारन बनके व्रत व दुआ मांगती है,
ये जीवन सिर्फ प्रेम के धागों से बंधा है।
ममता की चांदनी में ये कैसी रोशनी है,
जो हर अंधकार दूर कर रोशनी देती है।
पत्नी पति के लिए अपनी जान दे देती है,
औरत से बढ़कर कोई नहीं है इस दुनिया में।
जो पत्नी से कभी भी धोखा करता है,
वो कभी भी सुख नही रह सकता है।
पत्नी पति के लिए अपनी जान दे देती है,
औरत से बढ़कर कोई नहीं है इस दुनिया में।
सुख-दुख में जो साथ देती है,
वो पत्नी बने मेरी प्रेमिका।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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