क्रमाॅंक:- 232, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ का प्यार
माँ की ममता ईश्वर का वरदान है।
सच पूछो तो माँ ईश्वर नही भगवान है।
माँ को नाराज करना तेरी भूल है।
माँ के कदमों की मिट्टी जन्नत की धूल है।
माँ से मिला है जीवन हमको।
माँ के कदमों में स्वर्ग बसा है।
माँ मुझको तेरी दुआ चाहिए।
तेरे आँचल की ठंडी हवा चाहिए।
माँ-बेटे का रिश्ता कुछ ऐसा की;
माँ उदास रहे तो हम मुस्कुरा ना सके।
जब परेशानी में फंस जाते है परदेश में,
आँसूओ को पोंछने सपनों में आ जाती है माँ
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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