क्रमाॅंक:- 253, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कलयुग
कलयुगी संसार में बढ़ रहे हैं पाप।
मोह,माया के जाल में जीवन चलो माप।
खून ही खून को मार रहे हैं,
इस दुनिया में अपनों में सब खो रहे हैं।।
मोह, माया के जाल में आज,
अत्याचार बढ़ता जा रहा है।
अहिंसा को सब भूल बैठे हैं,
हिंसा को सब अपनाते जा रहा है।।
आज के इस दुनिया में लोग,
मोह,जाल के पीछे भाग रहे हैं।
इंसान खुद का तो हुए नहीं,
सब पैसों के पीछे भागे जा रहे हैं।।
इस कलयुगी दुनिया में रक्षक कोई नहीं,
बचाने वाले कोई नहीं सभी हैं हैवान।
इस दुनिया में चारों ओर घुमा लो नजर,
दिखेगा सभी ओर हैवान ही हैवान।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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