क्रमाॅंक:- 272, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अब्बड़ सुघ्घर हमर गाँव

क्रमाॅंक:- 272, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अब्बड़ सुघ्घर हमर गाँव

जंगल अउ पहाड़ी के मझोत म,
बसे हावय मोर निठोरा गाँव।।

अपन के जंगल म बसेरा करथन‌
मया के मयके म जनमे हावन।।

सुघ्घर तीज के तिहार,बिहाव अउ बरात।
मया के नता-गोता अउ मया के बात।।

सब्बो रुख राई ल काटव झन नइ मिलही छइहा।
कहत हावन छाती पीट के बदलथ हावय मोर गाँव।।

थोड़ कन बखत म लइका मन बाढ़गेय।
उही बखत बस म बैठ के शहर आगेवय।।

शहर जा के बस गिन सब्बो जवनहा पैसा बर।
अपन स्वप्न ल पूरा करे बर गाँव ल रिता दिस।।

दाई के अचरा अउ ददा के छइहा।
बादर म उड़े बर अपन गाँव चलत हन।।

तीरथ लाथे गाँव के जवनहा-डोकरा के असीस।
दूध,शक्कर के संग म गेहूं रोटी के चखब।

जंगल अउ पहाड़ी के मझोत म।
बसे  हावय  मोर  निठोरा  गाँव।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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