क्रमाॅंक:- 295, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- भाई-बहन का रिश्ता अनमोल
अपना समझ के रिश्ता बनाया;
हुआ तो नहीं मुझसे भूल।
भाई-बहन का प्यार अनोखा है;
माथ पर लगाएं चरणों के धूल।1।
ये रिश्ता है बड़ा अनमोल;
सदा इसे मैं निभाऊँगा।
मेरी बहना हमेशा हँसता रहे;
रब से यही फरियाद लगाऊँगा।2।
भाई - बहन के रिश्तों में;
रुठना-मनाना लगा रहता है।
जब आता रक्षाबंधन का पर्व;
माथ तिलक से सजता है।3।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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