क्रमाॅंक:- 299, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी की पहचान
दुनिया के हर नारी को सम्मान मिले।
माता-पिता के,आशीष वरदान मिले।।
हर नारी का श्रृंगार है गहना।
भारतीय नारी का क्या हैं कहना?
सिर पर पल्लू ढक आसमान छूती है।
माथे के सिंदूर से सुहागन की पहचान होती है।।
कई देशों में नारी पहनती हैं साड़ी
अपनी कलाई में सजाती है भर-भर चूड़ी।।
सुहागन का गर्व मंगलसूत्र होती है।
संकट में पति के संग रहने की सीख देती है।
पति के निश्छल प्रेम से पत्नी का चेहरा खिल जाता है।
पति-पत्नी के पावन प्रेम से,जीवन स्वर्ग-सा बन जाता है ।।
पति-पत्नी का एक दूजे पर अटूट विश्वास,ये अहसास दिलाता है।
सात समुंदर पार रहने के बाद भी, पास-पास होने का अहसास दिलाता है।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 299, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी की पहचान "
एक टिप्पणी भेजें