क्रमाॅंक:- 303, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- विवेक
मानव अपने बुद्धि का; सही करो उपयोग।
करो साधना तू सदा; विवेक भरा प्रयोग।1।
मनुज द्वेश करने लगा; मन में चिंता ढ़ेर।
भगवन की कर साधना; प्रेम भाव हिय घेर।2।
मन में जगे विवेक तो; उपजे शुद्ध विचार।
मानव के स्वभाव से; बरसे नेह अपार।3।
मानव को जब पीर हो; मन होता बेचैन।
खोले मन के द्वार को; मन को मिलता चैन।4।
चिंता मिटे विवेक से; मंजिल मानव काज।
भरता हृदय प्रेम से; मन के स्वभाव साज।5।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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