क्रमाॅंक:- 302, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- कृष्ण लीला
कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ।
देवकी का आठवाँ संतान था।
यशोदा ने पालन पोषण किया।
यशोदा का नटखट गोपाल था।।
कृष्ण की मुरली धून सुन के,
राधा और गोपियाँ नाचने लगी।
मुरलीधून सुन के पागल हुआ,
ब्रिज के गोपियाँ मोहित होने लगी।।
कृष्ण गोपियों का प्यारा था।
गोपियों का कृष्ण माखन चोर था।
राधाकृष्ण के अजब प्रेम कहानी,
प्रेम अमर में राधा नाम था।।
कृष्ण के चेहरे पर कंश को,
अपना मृत्यु नजर आने लगा।
कृष्ण को मारने सैनिक भेजा,
सैनिक मरे देख कंश घबराने लगा।।
कृष्ण बलराम के जोड़ी ने,
कंश सैनिक को मार गिराया।
आसमान से स्वागत हुआ,
देवी-देवता फूल के बौछारों किया।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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