क्रमाॅंक:- 312, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- संत शिरोमणि बाबा गाडगे जी
संत गाडगे का जन्म,
हुआ धोबी परिवार।
लोगों के मन में था,
बाबा के प्रति प्यार।।
जनता खातिर बाबा ने,
नहीं बनाया कभी मकान।
वृक्ष के नीचे सोते थे,
बन गया वहीं जहान।।
लोगों का मसीहा बना,
मन से मिला सदा मान।
शिक्षा और स्वच्छता से,
बना बाबा का पहचान।।
संत कबीर बुद्ध से,
मिला सदा ही ज्ञान।
काम किये लोगों के लिए,
पाये मान और सम्मान।।
संत बाबा के मन में,
कपट ना ही अनुराग।
मन से संत बाबा गाडगे,
लोभ को किया त्याग।।
मन में सबके बसे,
बनके हो भगवान।
दीनहीन के प्रीत है,
संत गाडगे विद्वान।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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