क्रमाॅंक:- 317, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- कान्हा की परछाई
कान्हा परछाई सदा; देखूँ सुबह ए शाम।
जगत जानता है सदा; जपता कान्हा नाम।1।
प्रेम रुपी संसार में; रहे सदा आसक्त।
प्रेम रुपी खिलता कमल; निषाद सच्चे भक्त।2।
हमको गीता ज्ञान से; देते शुभ संदेश।
हरपल मुरली भक्ति से; मन का मिटता द्वेष।3।
प्रेम सदा संसार में; करते सारे लोग।
परछाई से युक्त मन; प्रेम का करे भोग।4।
परछाई मुस्कान की; हरपल हमको देत।
जो विचार करके चले; परछाई सत देत।5।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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