क्रमाॅंक:- 316, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- निषादों के राजा गुहा राम

क्रमाॅंक:- 316, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- निषादों के राजा गुहा राम

निषाद के परिवार में जनम लिए गुहा राम।
उनतीस मार्च दिन रविवार को जन्में गुहा राम।।

श्रृंगवेरपुर के निषाद राजा थे गुहा राम
निषाद समाज को मिला सुंदर गुहा नाम।।

नेक कर्म के राह में चले राजा निषाद।
सुंदर वस्त्र,धनुष धारण किये सुंदर रूप निषाद।।

राजा निषाद चले नित राह व करूणा के सागर।
निषाद समाज को सार्थक रूप देकर किया प्यार।।

महर्षि वशिष्ठ आश्रम में पढ़े श्रीराम के साथ,
बचपन से ही दोनों परम मित्र थे साथ।।

श्रीराम को चौदह वर्ष का वनवास मिला।
बचपन के परम मित्र गुहा राम मिला।।

गंगा पार करवाया था लक्ष्मण,सीता, श्रीराम।
जान गये पूरा संसार परम मित्र गुहा राम।।

सीता अपहरण से हिल गया पूरा संसार।
सुग्रीव से मित्रता कर किये वानर पे उपकार।।

सात योजन समुद्र लांघ गये अंजनी पुत्र हनुमान।
लंका में जाकर किये माता सीता पहचान।।

लंकेश्वर का करके वध लाते सीता श्रीराम।
जनहित खातिर नेक कर्म किया प्रभु श्रीराम।। 

आर्य सुमंध रथ में श्रृंगवेरपुर पहुँचाया।
 निषादराज गुहा ने प्रभु का स्वागत किया।।

रात्रिकालीन रूक गुहा का मान बढ़ाया ।
श्रीराम को गंगा पार कर प्रयागराज पहुँचाया।।

हर राह में श्रीराम का गुहा ने साथ निभाया।
यमुना पार चित्रकुट को गुहा राज्य बनाया।।

प्रभु को यमुना पार कर बाँस का नाव बनाया।
श्रीराम, लक्ष्मण,सीता को यमुना पार कराया।।

चौदह वर्ष का वनवास समाप्त हुआ
पुष्पक विमान से अवधपुरी को आया।।

प्रभु के साथ निषादराज मिलने आये।
अवधपुरी के जनता में खुशियाँ छाये।।

देख प्रभु का राज्याभिषेक निषादराज हर्षित हुए।
राज्याभिषेक दे निषादराज  अपनी नगरी को आए।।

कुछ वर्षों के बाद में अश्वमेघ यज्ञ का मिलन हुआ।
 चारों दिशाओं के राजा का आगमन हुआ।।

श्रीराम ने परम मित्र निषादराज को बुलाया।
अश्वमेघ यज्ञ में फिर से उनका मिलन हुआ।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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