क्रमाॅंक:- 347, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- वह जो यथार्थ था
वाजिब बातें जो करे; बुरा समझते लोग।
शब्द जाल के बोल से; जग में करते भोग।1।
कहना सदा यथार्थ तू; चलना अरु सत राह।
गलत राह में जो चले; मिले नहीं शुभ चाह।2।
मन के वाजिब भाव से; होता है उद्धार।
बढ़ती है संभावना; ईश्वर का उपकार।3।
पथिक बनो सत राह के; सारे तू इंसान।
मन के सच्चे भाव से; बनता है पहचान।4।
धन में मन खोना नहीं; उचित नहीं है यार।
हरपल प्रेमल भाव से; मिलता सबका प्यार।5।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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