क्रमाॅंक:- 406, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- भारत के रणवीर
हिंद देश के रण वीर हैं ; भारत माँ के पूत।
वतन बचाने के लिए; तत्पर वीर सपूत।।1।।
देश सुरक्षा के लिए; सदा रहे तैयार।
दुश्मन करे प्रहार तो ; कभी न माने हार।।2।।
रण कौशल में निपुण हैं; भारत माँ के लाल।
दुश्मन भारत देश के; हिला सके ना बाल।।3।।
रक्षा करते देश की; हरपल वीर जवान।
भारत माँ के पूत हैं ; हिंद देश की शान।।4।।
सीमा में तैनाती से; सुरक्षित भारत देश।
गूँज रहा आसमान में; वीरों के संदेश।।5।।
सुंदर संस्कृति-सभ्यता; हिंद देश का मान।
तिरंगा हिंद देश को ; देता है पहचान।।6।।
शहीद हुए जवान को; नमन करे हम आज।
वतन खातिर जवान ने;
घर व समाज।।7।।
आजादी के वीर को; देश नहीं *भूल* पाय।
प्रिय हरपल कहता रहा; मस्तक सभी झुकाय।।8।।
लिए बंदूक हाथ में; सेना करते वार।
हिंद देश की शान को; जवान रहे निहार।।9।।
सभी घरों परिवार से; जन्में जवान एक।
भारत वीर जवान से; काँपें दुश्मन अनेक।।10।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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