क्रमाॅंक:- 407, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गुमसुम मुस्कुराहट
मन के बेचैनी को कोई समझ सकता नहीं।
दिल में हुए दर्द को कभी दिखाता नहीं।।
मेरे सपनों का हर अरमान टूट गया है।
किस्मत की लकीर में दुख लिखा गया है।।
जी रहा हूँ गुमसुम मुस्कुराहट के साथ।
जग से नैया पार लगाना हे नाथ।।
अकेलेपन से मेरा मन घबराया है।
चेहरे के मुस्कुराहट में गम छिपाया है।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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