क्रमाॅंक:- 416, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- गाय की महत्ता
गौ माता सेवा करो; मिले स्वर्ग के द्वार।
नेक कर्म के राह में; चलना बारम्बार।।1।।
माता के वरदान से; लिखता सभी विधान।
दोहा,रोला,सोरठा; लिखता करके ध्यान।।2।।
गौ माता संसार में; प्यासी मरता आज।
गौ माता को पालना; नहीं सरल है काज।।3।
हरा घास चारा नहीं; बढ़ते महंगे दाम।
गौ माता कैसे रहे; इस पर करना काम।।4।।
दिन में करता काम है; रातों को आराम।
गौ माता सेवा करो; आराम है हराम।।5।।
गौ माता देती सदा; हमें दूध आहार।
मानव मन से जान लो; देती हमें निहार।।6।।
गौ हत्यारे के लिए; नियम बनाओ एक।
जग में हिंसा बढ़ रहा; रोक लगा अनेक।।7।।
सारे इस संसार में; गौ माता पूज्यनीय।
कहता "प्रिय" मानव से; गौ मात अतुलनीय।।8।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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