क्रमाॅंक:- 425, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- भारत की स्थिति एवं विस्तार
भारत माँ के लाल हैं; झंड़ा मेरी जान।
भारत के विस्तार से; सदा बढ़ाओ मान।।1।।
भारत की स्थिति को; युवा रखो अनुकूल।
भारत मांँ के चरण में; प्रिय बिछाओ फूल।।2।।
बूँद-बूँद में नीर के; हिंद देश का नाम।
सुबह-शाम करते रहो; भारत माँ के काम।।3।।
फूल खिलता उपवन में; सजे हिंद का नाम।
गंगा-यमुना आरती; करें सुबह अरु शाम।।4।।
भारत के विस्तार को; युवा बढ़ाये रोज।
सुंदर भारत देश में; बढ़ता भारत ओज।।5।।
सिंधु, द्रविड़, पंजाब है; सजा हुआ है देश।
भारत के विस्तार से; बढ़ता रहता वेश।।6।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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