क्रमाॅंक:- 426, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आर्थिक स्वावलंबन
बूँद-बूँद को तरस रहा; ये सारा संसार।
मन से मेहनत करो; खुशियांँ मिले हजार।।1।।
धैर्य मन के धार से; इंसान बनो स्वावलंब।
मानव मन में रखो नहीं; कभी भी आलंब।।2।।
तपती तेज धूप में; मेहनत करे मजदूर।
भूखे पेट के लिए; मेहनत को मजबूर।।3।।
नरवा,घुरवा,बाड़ी में; लगा हुआ है सब्जियां।
मन में था विश्वास; नहीं आयेंगी आंधियाँ।।4।।
खुद के विश्वास से; बनो आत्मनिर्भर।
चाहे आ जाये तूफान; होना नहीं निडर।।5।।
आर्थिक स्वावलंबन से; जूझता प्रिय कुमार।
मन के विश्वास से; सदा आलस मार।।6।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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