क्रमाॅंक:- 437, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- बिजली विभाग की मनमानी
बिजली अधिकारी काट रहे; मनमर्जी के लाईट।
जनता सभी परेशान है; इस फील्ड को करो वाईट।।
बारिश और तूफान नहीं; मौसम है पूरा क्लीन।
फिर भी काटे जा रहे; बिजली विभाग इंसान।।
सूरज के तपती धूप से; जनता है परेशान।
गर्मी में चैन मिले कहाँ; मुझसे इस भगवान।।
अपनी गलती छिपा रहे; विद्युत के अधिकारी।
दिन-रात,सुबह-शाम को; बिजली काटे अधिकारी।।
बारिश के थोड़े बूँद से; सिग्नल करते ऑफ।
बिजली करे नहीं चालु जब मौसम हो साफ।।
जनता भ्रष्टाचारों से घिरा हुआ है आज।
फिर भी सारे जी रहे करके कुछ काज।।
हद हो गया बिजली विभाग की मनमानी।
जनता झेल रहे हैं सभी परेशानी।।
बिजली कटौती हो दिन और रात।
बिल भरना पड़ता है साफ बोल के बात।।
बिजली की मार को झेल रहा जिला बलौदा बाजार।
बाकी सभी जिलों में बिजली से रोशन दरबार।।
बिजली कटौती करना है सुबह से काटते हैं।
चालू करना है बिजली अधिकारी सोया करते हैं।।
जब भी पेट्रोलिंग समय आता है।
विद्युत की कटौती बढ़ जाता हैं।।
खुद को राजा समझे बिजली अधिकारी।
बिजली कटौती कर मारते हैं होशियारी।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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