क्रमाॅंक:- 436, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- एक बाल मजदूर की व्यथा
सूरज तपती धूप में; बाल हुआ बेहोश।
वंचित है वह नीर से; उसे न आया होश।।1।।
एक बाल मजदूर तो; बोल रहा है आज।
बाल व्यथित हैं काम से; फिर भी करता काज।।2।।
व्यथा बाल मजदूर की; विनती सुन सरकार।
बालक करता प्रार्थना; रब करना उपकार।।3।।
इस बालक नादान को; काम जरूरत आज।
छोटा बालक रूप पे; मात-पिता को नाज।।4।।
बालक करता काज को; जगत देख हैरान।
एक बाल मजदूर को; दु:ख दिया हैवान।।5।।
बाल व्यथा है काम से; कैसे करें उपाय।
एक बाल मजदूर पर; हरपल करना न्याय।।6।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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