क्रमाॅंक:- 449, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- गरीब घटे, गरीबी नही
गरीब मानव लड़ रहा; भ्रष्टाचार से रोज।
सूरज तपती धूप में; गरीब ढोता बोझ।।1।।
मन में मानव लिए हुए; अमीर बनने की आस।
नित करते काम है; गरीब को विश्वास।।2।।
कड़ी मेहनत काम से ; गरीब बनाओ नाम।
सदा सुंदर व्यवहार से; जग में बने पहचान।।3।।
अमीर नहीं जानते; संस्कार का मोल।
गरीब के पास है; शब्दों का अनमोल।।4।।
धन दौलत त्याग के; गरीब जीते शान।
मन से अमीर भूल के; गरीब देते मान।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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