क्रमाॅंक:- 454, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- पानी दूध से लाभ-हानि
पानी पीओ बैठकर; परिक्रमण रुक जाय।
अंग फेफड़े साथ में; मानव दिल दुख पाय।।1।।
सावधानी से पीना है; मानव बातें मान।
पेट नीचे दीवार को; पहुंचाता नुकसान।।2।।
पानी पीना बैठकर; पचकर पहुंचे मूल।
करता तन यूरीन से; करता बाहर धूल।।3।।
खून कभी घुलता नहीं; हानिकारक तत्व।
अंग-अंग में बह रहा; खून का है महत्व।।4।।
खड़े होकर दूध पियो; प्रिय निषाद कविराज।
वात अरु पित्त दोष को; करे सफाई काज।।5।।
दूध न पीना बैठकर: पाचन होत खराब।
पीना सदैव दूध को; खड़े होकर गुलाब।।6।।
दूध के मिले लाभ से; घुटना रहे निरोग।
सभी कैंसर दूर रहे; पास न आते रोग।।7।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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