क्रमाॅंक:- 485, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- विश्वासघात
प्यार का भूखा था भटक रहा संसार।।
पीठ पीछे किया तुने अपनों पर ही घात।
तुझे अपना समझा तो किया विश्वासघात।।
मन का गुस्सा बुझा नहीं करता गया वो वार।
प्रिय के विश्वास को तुने किया तार-तार।।
दिल को जख्म करके हंस रही हो आज।
मैंने अपने प्यार पर सदा ही किया नाज।।
मैंने प्यार किया तो कसूर क्या था..?।
रिश्ता जोड़ना चाहा तो गलती क्या था?।।
धीरे - धीरे प्यार पर तुने किया घात।
मन से चाहा उसी ने किया विश्वासघात।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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