क्रमाॅंक:- 522, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आ जाओ मेरे श्याम
श्रीकृष्ण मुरली वाला तुम हो घनश्याम।।
वृंदावन के गोपियाँ कान्हा की दीवानी है।
राधाकृष्ण का आध्यात्मिक प्रेम कहानी है।।
सुंदर कोमल हाथ के उँगली उठा लिए गिरिराज।
सुख-दुख के साथी है सबके मन में करता राज।।
जग के सारे पापियों का कर दिया विनाश।
रूप बदल के कर रहा पापियों का नाश।।
कंस के कारागार में माता देवकी के गर्भ से,
भाद्र मास कृष्ण अष्टमी को कृष्ण लिए अवतार।।
सुंदर शिशु देखकर पिता वासुदेव खुश।
कंस के डर से पिता वासुदेव चिंतन,नाखुश।।
यमुना नदी को पार कर छोड़े यशोदा द्वार।
सुंदर राधा रानी संग ब्रिज में करें प्यार।।
मधुर बंशी के धुन से गोपियों के मन चुराये।
राधा और गोपियों को अपने प्रेम में फँसाये।।
सबको गीता ज्ञान का पाठ पढ़ाया है।
सत् मार्ग पर चलना हमको सिखाया है।।
सुंदर प्रेम भाव का ज्ञान हमको करवाया है।
दीन बंधु प्रभुवर ने अमीर हमें बनाया है।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 522, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आ जाओ मेरे श्याम "
एक टिप्पणी भेजें