क्रमाॅंक:- 525, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- गणपति बप्पा मोरया
भक्ति करो गणराज का देगा शुभ उपहार।।
मानव सुंदर भाव से पूजा करना रोज।
रिद्धि-सिद्धि के साथ में आओ करने भोज।।
भादो के महिना में ग्यारह दिन विराज।
दीन-हीन के दुख को सदा हरो गणराज।।
पहली पूजा आपकी होता श्री गणेश।
दुखियों के तुम दात हो हरते सबके क्लेश।।
गौरी पुत्र गणेश में तीव्र बुद्धि का ज्ञान।
पालक को जग मानते हरपल देते मान।।
शिव-पार्वती लाल को पसंद मोदक भोग।
मानव चलो सही मार्ग पर करो सुख का योग।।
पेट लिए भारी हो गणपति गणराज।
एक दन्त को तोड़कर लिखे वेद गजराज।।
मूषक राज गणेश के सुंदर बने सवार।
मीठा बोली बोल के सभी के करे प्यार।।
गली-गली गणराज है देखो परमानंद।
आए सबके द्वार को मन में जगा आनंद।।
मुख के मुस्कान से जीवन बना अनमोल।
भक्ति करो गणराज का मिले सुख का मोल।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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