क्रमाॅंक:- 619,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शतक से चूका, पर जीता दिल

क्रमाॅंक:- 619,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शतक से चूका, पर जीता दिल

           शतक से चूका, पर जीता दिल

खेला अद्भुत मैच था, संकट में थी टीम।
डटा रहा मैदान पर, वैभव वीर असीम।।

चारों ओर निराशा थी, गिरे विकेट पर वार।
इस संकट के काल में, वैभव बना अधार।।

बल्ला घूमा जोर से, गरजे सूर्यवंशी वीर।
धीमी पारी को दिया, पल में वेग गंभीर।।

चौके-छक्के की झड़ी, अद्भुत रही उमंग।
वैभव का यह खेल देख, विपक्षी रह गए दंग।।

शतक बनाने से चुके, रहे चार ही रन।
शानदार इस खेल से, जीता सबका मन।।

छियानबे रनों का सफर, रहा वीरता नाम।
राजस्थान रॉयल्स को, दिया बड़ा विश्राम।।

अकेले दम पर मैच को, सुंदर मोड़ दिया।
जीत की आशा जगा, संशय तोड़ दिया।।

कम उम्र का जोश यह, हिम्मत का पैगाम।
क्रिकेट के मैदान पर, रोशन किया है नाम।।

मायूसी छंटने लगी, छाया नया प्रकाश।
वैभव की इस खेल से, जागा नया विश्वास।।

मेहनत बेहद रंग लाई, पर मिला न जय का नाम।
रॉयल्स भले ही हार गई, चमका वंडर किड का नाम।।

                      परमानंद निषाद 'प्रिय'

0 Response to "क्रमाॅंक:- 619,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शतक से चूका, पर जीता दिल"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article