क्रमाॅंक:- 702,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना -छत्तीसगढ़ तीर्थ-दर्शन
छत्तीसगढ़ तीर्थ-दर्शन
कबीरधाम भोरम भजहु, भोरमदेव सुजान।
कोरबा सर्वमंगला, मेटत सब अज्ञान।।
मरौदा भूतेश्वर प्रभु, महिमा अमित अपार।
राजिम कुलेश्वर देव हैं, भव-सागर के पार।।
राजीव लोचन को नमन, राजिम पुन्य-प्रदेश।
खरौद लक्ष्मणेश्वर यजहु, कटत सकल परिक्लैश।।
शिवरीनारायण धाम में, शबरी के रघुराय।
दंतेवाड़ा दंतेश्वरी, मइया विघ्न नशाय।।
बारसूर जुड़वां गणा, ढोलकल बस्तर शीश।
विघ्नराज दोनों हरें, सुख देवें जगदीश।।
गिरौदपुरी धामहिं जपो, संत गुरु सतनाम।
झलमला गंगा मात दें, सुख-संपत्ति विश्राम।।
रतनपुर महामाय की, अद्भुत छटा अनूप।
तालागाँव देवरानी-जेठानी, शिव अति सुंदर रूप।।
खल्लारी माता चरन, सुमिरहु बारंबार।
लक्ष्मण मंदिरहिं, कला-कौशल आगार।।
चंदखुरी कौशल्या मात, रामलला के धाम।
हटकेश्वर महादेव को, सादर करहु प्रणाम।।
दूधाधारी मठ नमन, आरंग भांड प्रवीन।
सक्ती चंद्रहासिनी, चंद्रपुर भक्ति विलीन।।
परमानंद निषाद 'प्रिय'
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