क्रमाॅंक:- 112, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तेज धूप बढ़ने लगा है

क्रमाॅंक:- 112, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- तेज धूप बढ़ने लगा है

              तेज धूप बढ़ने लगा है

तेज  धूप  बढ़ने  लगा  है,
इंसान अब तपने लगा है।
इंसान तपती धूप के कारण,
छाॅंवों  को  ढूॅंढने लगा है।१।

कहाॅं ? मिलेगा छाॅंव अब,
जब पेड़ काटे जा रहे हैं।
उर्वरक  की  क्षमता  भी,
कम  होती जा रही हैं।२।

अंधाधुंध पेड़-पौधे काटने पर,
मानसून  कहाॅं ?  से  आयेगी।
हरियाली न होगा पेड़ों में तो,
ठंडी हवा कहाॅं से मिलेगी।३।

 आओ  हम  सब  मिलकर,
वन संरक्षण अभियान चलाएं।
वन संरक्षण अभियान चला के,
पेड़-पौधों को कटने से बचाएं।४।

    परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)

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