क्रमाॅंक:- 137, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- इश्क में जुदाई की तड़प
इश्क में जुदाई की तड़प
मैं तेरे प्यार में जलता ही रहा,
दिन-रात जल बीन मछली तड़पता ही रहा।
नहीं भुल पाया यादों को तेरी,
मैं तेरे प्यार में जलता ही रहा।१।
तुझसे प्यार दिलों जान से करता ही रहा,
मन ही मन तू मुझे पराया करता ही रहा।
साथ निभाने का करके वादा,
अपने प्यार से दूर करता ही रहा।२।
तेरे ग़म में ऑंखों से अश्रु बहता ही रहा,
तेरे प्यार में पल - पल मरता ही रहा।
तेरे संग गुजारे हर पल की यादों में,
मैं तेरे प्यार में जलता ही रहा।३।
मैं तुझसे गुफ्तगू करता ही रहा,
इश्क में मुझको दर्द मिलता ही रहा।
कर गई तू मुझसे बेवफाई और,
मैं तेरे प्यार में जलता ही रहा।४।
परमानंद निषाद"प्रिय"
साहित्य साधना सभा,छत्तीसगढ़
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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