क्रमाॅंक:- 211, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- प्रथम रूप- माॅं शैलपुत्री
प्रथम रूप- माॅं शैलपुत्री
नव दुर्गा का रूप है; शैलपुत्री तु तार।
शैलराज की पुत्री है; जीवन सबके सार।१।
जीवन के अँधकार को, दो प्रकाश वरदान।
मन मेरा बेचैन है; पुत्र हुआ नादान।२।
दाएं हाथ त्रिशूल से, रक्षा कर संसार।
बाएं हाथ कमल लिए, दुष्टों का संहार।३।
प्रिय करता है प्रार्थना, प्रथम दिवस नवरात।
हर लेती माॅं दु:ख को, शैलपुत्री तु मात।४।
प्रथम दिवस माॅं आ रही, होके बैल सवार।
शैलपुत्री स्वरूप से; जगमग है संसार।५।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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