क्रमाॅंक:- 345, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- दहेज एक अभिशाप

क्रमाॅंक:- 345, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- दहेज एक अभिशाप

सुनो जगत के इंसान; दहेज लेना पाप।
तौलो नहीं बेटी को; दहेज है अभिशाप।1।

दहेज लेना पाप है; जागो हे इंसान।
बेटी घर की शान है; बेटी है पहचान।2।

दहेज प्रथा तोड़ के; दहेज मुक्त बनाय।
प्यारा भारत देश को; दहेजों से बचाय।3।

लेना नहीं दहेज तू; दहेज है अभिशाप।
दहेज प्रथा बंद करो; लेना-देना पाप।4।

समाज के चलते सदा; फैला झूठी शान।
हाथ जोड़ विनती करे; बेटी है ईमान।5।

शिक्षित तो इंसान हैं; फिर भी बने अज्ञान।
बेटी तो मूल्यवान है; नहीं समझे इंसान।6।

जागरूकता से मिटे; दहेज झूठी शान।
दहेज प्रथा बंद करो; बचती बेटी मान।7।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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