क्रमाॅंक:- 558, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- जल ही जीवन है

जल जीवन आधार है, पानी से है प्राण। जीवन पानी से बचें,जल रक्षण कल्याण।।1।। पानी-पानी चीखकर, लोग मचाए शोर। धरा सूखती धूप से, जल सं...

क्रमाॅंक:- 557, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- कवि की कविता

तेज कलम की धार से मैं कविता लिखता हूँ।  एक-एक शब्दों को जोड़ मैं कहानी सिखता हूँ।। प्रिय के आवाज में सदा कविता पढ़ता हूँ। सुंदर ...

क्रमाॅंक:- 556, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- भक्ति पर विश्वास

कृष्ण सुदामा के सखा; हरपल रखता आस। भक्ति भजन के साथ में; सदा करो विश्वास।1। देख सुदामा भक्ति का; जग सारा हैरान। भीख पाँच घर माँग...

क्रमाॅंक:- 555, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की छंद मुक्त रचना- किसान अन्नदाता

किसान खाना खा रहा,परिश्रम करके खूब। सहकर तपती धूप को, रहे काम में डूब।।1।। परिश्रम करना छोड़ दे, जग में सभी किसान। भूखा पेट सोना...

क्रमाॅंक:- 554, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- माँ की ममता

माँ  की  ममता  दिव्य  है, माँ  से  है  पहचान। माँ की कृपा-कटाक्ष से,बनता पुत्र महान।।1।। ममता के ऑंचल तले, मिलती ठंडी छाँव। जब त...

क्रमाॅंक:- 553, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- ये दिल तेरा दीवाना

बाल फैलाकर सुंदरी शरमा रही हो। होले होले होंठों से मुस्कुरा रही हो।। कान में बाली लगाकर क्यों..? हिरनी जैसी कमर मटका रही हो।। सु...