क्रमाॅंक:- 609, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- ऋचा बहन की सादगी
ऋचा बहन की सादगी
बाग में चारों ओर खिले हैं सुंदर-सुंदर फूल,
ऋचा बहन को देख हवाएँ भूल गईं सब धूल।
रूप सलोना, सादगी ऐसी, मन को जो हर ले,
चेहरे की पावन मुस्कान दिल में खुशियाँ भर दे।
पहना है फूलों की छपाई वाला सुंदर परिधान,
गले में हरा दुपट्टा बढ़ा रहा है इनकी शान।
पैरों में सफेद जूती और चूड़ीदार पजामा सोहे,
हाथ की कलाई पर बंधी घड़ी सबका मन मोहे।
लंबे काले बाल झुके हैं कंधों पर इस पार,
ऋचा बहन की छवि लग रही प्रकृति का उपहार।
परमानंद निषाद 'प्रिय'
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