क्रमाॅंक:- 626,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मातृ-पितृ देवो भव

क्रमाॅंक:- 626,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मातृ-पितृ देवो भव

                  मातृ-पितृ देवो भव

मात-पिता के चरणों में, शीश झुकाएँ आज।
इनके ही आशीष से, सिद्ध होत सब काज।।

जीवन की पहली प्रेरणा, प्रथम गुरु हैं मात।
उँगली पकड़ सिखाते जो, सुंदर गौरव-गाथ।।

सच्चे मार्गदर्शक बने, तात मात सुखधाम।
इनके पावन रूप को, सौ-सौ बार प्रणाम।।

सबसे बड़ी हैं पूँजी यह, जीवन का आधार।
इनके स्नेह-आशीष से, महके यह संसार।।

शक्त हमारी मात है, संबल हैं पितु देव।
तीरथ सारे मिल रहे, कर लें इनकी सेव।।

विश्व मात-पितु दिवस की, मंगलमय बौछार।
हार्दिक देते बधाई, सुख बरसे अपार।।

बना रहे यह साथ ही, मिले सदा आशीष।
इनके चरणों में झुके, सदा हमारा ईश।।

माता-पिता की छाँव में, कटते सारे क्लेश।
इनकी सेवा जो करे, पाय अमित सन्देश।।

खुशियाँ आँगन में हँसे, दूर रहे सब पीर।
तात मात के हाथ से, बदले सब तकदीर।।

आदर सहित प्रणाम है, मात-पिता के पाय।
कोटि-कोटि वंदन करूँ, जनम-जनम यश गाय।।

                           परमानंद निषाद 'प्रिय'

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