क्रमाॅंक:- 681,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हर घर तिरंगा
🇮🇳 हर घर तिरंगा 🇮🇳
घर-घर भगवा श्वेत हिँ, शान निराली आज।
अंबर चूमे गर्व से, अपना भारत राज।।
जन-जन के मन में जगे, राष्ट्र प्रेम की धार।
वीरों की यह भूमि है, करे नमन संसार।।
हर छत ऊपर लहराए, सुंदर सजीला ध्वज।
माटी की खुशबू कहे, गाओ विजय की धज।।
देख तिरंगा झूमता, पुलकित हुआ सवेरा।
दुश्मन काँपे देख यह, जागे भारत के रा।।
त्याग और बलिदान का, भगवा रंग महान।
श्वेत शांति संदेश दे, चक्र करे सम्मान।।
हरी-भरी यह भूमि हो, खुशहाली का रूप।
तीन रंग की छाँव में, निखरे पावन धूप।।
बच्चे बूढ़े सब मिलें, गाएँ मंगल गान।
कर में ले तिरंगा सब, बढ़ा रहे हैं शान।।
नक्शे पर इतिहास के, भारत अमिट प्रमाण।
कोटि-कोटि जन की यही, धड़कन और प्राण।।
वीर शहीदों ने दिया, हमको यह उपहार।
शीश झुकाकर हम करें, उनका ही सत्कार।।
गूँज उठा संसार में, हिंदुस्तान का नाम।
घर-घर अब तिरंगा सजे, करें सभी प्रणाम।।
परमानंद निषाद 'प्रिय'
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