क्रमाॅंक:- 682,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शिव-गौरी भक्ति

क्रमाॅंक:- 682,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शिव-गौरी भक्ति

                   शिव-गौरी भक्ति

शीश नवाए प्रेम से, बैठी गौरी रूप।
अभिषेकम शिव का करे, पावन महके धूप।।

हाथ जोड़ विनती करे, मन में अनुपम भाव।
करहु कृपा त्रिपुरारि जी, मेटहु सकल तनाव।।

सजा हुआ शिव लिंग है, पुष्पमाल अभिराम।
फन फैलाए नाग भी, सुध-बुध भूला बाम।।

कलश लिए कर में खरी, अर्पित करती धार।
भोले शंकर की शरण, सुखी हुआ संसार।।

मंगलगान रचे यहाँ, गूँजे पावन बोल।
भक्ति सुधा रस पीजिए, जीवन है अनमोल।।

दीपक की सुंदर छटा, चमके मंदिर द्वार।
पार्वती-शिव रूप का, मन में दिव्य विचार।।

फल-नारियल अर्पण किए, पूजा थाल सजाव।
भोले बाबा की दया, मेटे सकल अभाव।।

सजी आरती प्रेम से, महके चंदन गंध।
शिव सुमिरन में खो गई, तोड़े माया बंध।।

श्रद्धा की मूरत बनी, पहने सुंदर चीर।
नेत्र मूँद सुमिरन करे, हरे देव सब पीर।।

नमन करूँ नटराज को, सुख-संपत्ति दातार।
चरण कमल की धूलि से, तर जाए संसार।।

                         परमानंद निषाद 'प्रिय'

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