क्रमाॅंक:- 694,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शुभ कमरछठ

क्रमाॅंक:- 694,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शुभ कमरछठ

                     शुभ कमरछठ

भादों की पावन तिथी, आई सुख की खान।
कमरछठ का व्रत करे, माता रखे ध्यान।।

दीर्घायु सुत को मिले, संकट सब कट जाय।
मैया चरणों में झुकी, आशीषे नित पाय।।

सगरी खोदें चाव से, गाएं मंगल गीत।
संस्कार सब लोक के, पावन अनुपम प्रीत।।

कांसी महुआ पूजती, श्रद्धा मन में धार।
छठ मैया रक्षा करे, महके सब संसार।।

जल भी माता ना पिए, कैसा कठिन उपवास।
ममता की मूरत खड़ी, मन में दृढ़ विश्वास।।

पसहर चावल का बने, पावन सुंदर भोग।
भैंस दूध घी से मिटे, जीवन के सब रोग।।

छह भाजी का साग है, अद्भुत इसका स्वाद।
संस्कृति का गौरव यही, प्रभु का है प्रसाद।।

बेटी मारें पीठ पर, रक्षा का संकल्प।
माँ की ममता के बिना, जग में कोई न कल्प।।

घर-आँगन खुशियाँ मिलें, बढ़े सदा सौभाग्य।
संतानें जग में जिएं, पाकर उत्तम भाग्य।।

छत्तीसगढ़ की भूमि का, पावन यह त्योहार।
कमरछठ देता हमें, सदा प्यार उपहार।।

                        परमानंद निषाद 'प्रिय'

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