क्रमाॅंक:- 715,सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- माँ स्कंदमाता आराधना
माँ स्कंदमाता आराधना
(दोहा छंद)
सिंह पीठ माता सजें, गोदी स्कंद कुमार।
परमानंद अपार दें, संकट दें सब टार।।
कमल हाथ सुंदर खिले, चार भुजा सुखकार।
भक्तों का माता करें, पल में बेड़ा पार।।
शुभ्र वर्ण पावन रूप, ममतामयी स्वरूप।
दूर करें पल में सदा, भव का संकट भूप।।
कार्तिकेय जननी नमन, बुद्धि ज्ञान की खान।
परमानंद हृदय भरें, देकर पावन ज्ञान।।
सिंह वाहिनी मात तुम, शक्ति रूप कल्यान।
करती हो जग का भला, रखकर सबका ध्यान।।
नवरात्रों के पंचमी, पूजें तुम्हें सुजान।
परमानंद मिले सदा, गाकर माँ का गान।।
मोह पाश सब काटती, देकर निर्मल ज्ञान।
शरण पड़े जो भी यहाँ, पावे उच्च मकाम।।
दुष्ट दमन माता करें, संतों का कल्यान।
अम्बे माँ तुमको नमन, सुनो हमारी तान।।
सच्चे मन से जो भजे, पाए सुख का कोष।
परमानंद रहे सदा, मिटते सारे दोष।।
स्कंदमात रक्षा करो, देकर शुभाशीष।
चरणों में तेरे सदा, नावे जग यह शीश।।
परमानंद निषाद 'प्रिय'
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