क्रमाॅंक:- 492, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- तोर मया के रंग

सुघ्घर तोर चुंदी ल करिया रहन दे। चुंदी म सुघ्घर फूल खोंचाय रहन दे। माथ  म  कौड़ी  ल  बंधाय  रहन  दे। तोर होंठ के गुलाबी ल तँय रह...

क्रमाॅंक:- 491, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- भाई-बहन का अटूट विश्वास

भाई-बहन के प्यार को बताऊँ कैसे। बहन को अटूट विश्वास दिलाऊँ कैसे।। बहन को अपना हाल सुनाऊँ कैसे। प्रेम भरे मुस्कान को दिखाऊँ कैसे।...

क्रमाॅंक:- 490, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- कामयाबी का जूनून

कामयाबी जुनून का, मन में भरता ओज। तन से आलस त्याग कर, काम करें हम रोज।।1।। कामयाब  इंसान  ने, काम  किये  दिन-रात। सफल मेहनत से म...

क्रमाॅंक:- 489, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- धधक रहा मणिपुर

हो  रहे  दुष्कर्मों  को  रोकना  न  आया। कौन अपना,कौन पराया पहचानना न आया।।  नारी के इज्जत कोई बचाने न आया। हुए दुष्कर्म का विरोध...

क्रमाॅंक:- 488, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- अधूरा ख्वाब

देखूं  मेरे  ख्वाब  में, तू  मेरा  संसार। तुझको पाकर आज से, पूर्ण हुआ है प्यार।।1।। खुले आँख से देखना, दिन में सारे ख्वाब। मीत क...

क्रमाॅंक:- 487, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- पलकें झपकाना नहीं

सुंदर पलकें आँख की, रक्षा करती रोज। कोमल आँखें देखता, जीवन के हर ओज।।1।। आँखों से आँसूं बहे, कुछ भी पड़ता मार। तेरे इंतेजार में,...

क्रमाॅंक:- 486, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- ओढू तेरा लिबास

साड़ी के लिबास में नारी सुंदर दिखती है। साड़ी का महत्व नारी सदा लिखती हैं।। गोरे  तन  पर  लाल  साड़ी  पहनी  हो, तुम  प्रिय  के  ...

क्रमाॅंक:- 485, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- विश्वासघात

करके मैंने विश्वास किया तुझसे प्यार‌। प्यार का भूखा था भटक रहा संसार।। पीठ पीछे  किया तुने  अपनों पर  ही घात। तुझे अपना समझा तो ...

क्रमाॅंक:- 484, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- पूरा देश हुआ शर्मसार

मणिपुर की घटना से, देश हुआ शर्मसार। अपने भारत देश में, मचा हुआ हाहाकार।।1।। नग्न हुई इंसानियत, मान महिला का छीन। बढ़ रही हैवानियत...

क्रमाॅंक:- 483, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- एक चुप सौ सुख

मुख से मानव मौन है, ये सारा संसार। नारी दुखों को सहकर; सबको करती दुलार।।1।। प्यार करो इंसान से, भारतवासी लोग। मुख से मौन तोड़ दो...

क्रमाॅंक:- 482, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- शिक्षक उतरे आंदोलन में

शिक्षक उतरे आंदोलन में जवाब दीजिए। बच्चों के भविष्य को फूल से खिला दीजिए।। शिक्षकों के आंदोलन पर रोक लगा दीजिए। भावी समय को देखक...

क्रमाॅंक:- 481, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- दिल से प्यार करो

प्रिय के जीवन में तुझे ढ़लना पड़ेगा। जीवन भर के लिए प्रेम करना पड़ेगा।। कठिन राहों में साथ चलना पड़ेगा। प्रिय के दिल को प्रेम से...

क्रमाॅंक:- 480, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- प्रेम से जीवन संवर गया

पूनम  मेरा  प्यार है, मैं  हूँ  तेरा  प्रीत। सुंदर  तेरा  नूर  है, तू  है  मेरा  मीत।।1।। देख चाँदनी रात है, मिलना तुझसे आज। पाय...

क्रमाॅंक:- 479, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- चंद्रयान मिशन 3

सफल प्रशिक्षण चंद्रयान का, देखे सभी लोग। हमें गर्व चंद्रयान पर, मिला सफलता योग।।1।। धरती  से  चाँद  पर, उतरेगा  चंद्रयान। सारा ज...

क्रमाॅंक:- 478, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- छत्तीसगढ़ के हरेली तिहार

शुभ सावन के अंत में, हो हरियाली पर्व। पहला इस त्योहार पर, मानव को है गर्व।।1।। छत्तीसगढ़ महतारी से, सबको मिलता मंत्र। किसान सदा ...

क्रमाॅंक:- 477, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- साहित्यिक त्रुटियां दूर करो

त्रुटियां हो साहित्य में, उसको करना दूर। करो निर्वहन आज तू, मन का सुंदर नूर।।1।। गलती सदा सुधार कर, सुखमय जीवन देख। सारे त्रुटिय...

क्रमाॅंक:- 476, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद'प्रिय' की विशेष छंद मुक्त रचना- दिल में करो राज

सनम के दिल में राज करना न आया। आँखों  से  आँखें  मिलाना  न  आया।। प्यार  का  रिश्ता  निभाना  न  आया। सनम  से  गुफ्तगू  करना  न  ...

क्रमाॅंक:- 475, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद'प्रिय' की विशेष छंद मुक्त रचना- सड़क हादसा

भीषड़ सड़क हादसा, हो रहा है आज। मानव भावी काल में, जीवन अपना साज।।1।। सड़के बनकर हाइवे, होकर के तैयार। सड़क हादसा बढ़ रहा, जीवन ...

क्रमाॅंक:- 474, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद'प्रिय' की विशेष दोहा छंद रचना- साहित्य का उद्देश्य

विश्व पटल इतिहास में, मिले कई कविराज। जीवन का उद्देश्य है, मिले सफलता काज।।1।। हिंदी साहित्य उद्देश्य का, जग में करो प्रचार। सब ...

क्रमाॅंक:- 473, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- जागरण की रात

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय' जिला- बलौदा बाजार राज्य- छत्तीसगढ़ विषय- प्रबोधन  शीर्षक- जागरण की रात विधा- दोहा छंद  संपर्क-...

क्रमाॅंक:- 472, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- मोर छत्तीसगढ़ महतारी

छत्तीसगढ़ महतारी का गुणगान लिखता हूँ‌ मन के भाव जोड़कर कविता लिखता हूँ। सुंदर किये श्रृंगार का रूप लिखता हूँ। पवन में लहरें लुगर...

क्रमाॅंक:- 471, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सफलता की ऊंची उड़ान

मन में प्रिय सपना लिए, मंजिल पाना ठान। सुंदर निर्मल भाव से, ऊंची भरो उड़ान।।1।। पढ़-लिखकर संसार में, बनो नहीं लाचार। इस कांटों क...

क्रमाॅंक:- 470, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सावन सोमवार

 पावन सावन मास में, सजा शंभु का द्वार। हम भक्तों पर आपने, बरसाये है प्यार।।1।। सारे दुख परिहार को, हर लेना भगवान। भोले बाबा ने द...

क्रमाॅंक:- 469, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- कोपल एहसास

* 1- मानव* वृक्ष लगाकर तू सदा, नीर धरती भिगोय। हरियाली के छाँव में, मानव जीव सँजोय।। *2- बीज* निकला अंकुर बीज से, सुंदर सारे पान...

क्रमाॅंक:- 468, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- मन के मोर दीवानी

सुंदर  गोरे  गाल  में, है  छोटा- सा  तील। नयन रूप मुस्कान से, कम हो जाता मील।।1।। पूनम अपने नयन से, मुझपर  करके वार। काले तेरे ब...

क्रमाॅंक:- 467, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- कमल के फूल

देख कमल के फूल को, जल में बसता प्राण। सुंदर पंकज, नीरजा, करता जीवन त्राण।।1।। सुंदर से तालाब में, खिला कमल का फूल। सदा कमल के फू...

क्रमाॅंक:- 466, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- सपनों का शहर

सुंदर मेरे शहर पर, सदा मुझे है नाज। सुंदर बने मकान को, हरपल रखना साज।।1।। बड़ी-बड़ी ईमारतें, सपना लेकर आई। सुंदर घर परिवार से, स...

क्रमाॅंक:- 465, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- भारत के प्रमुख संग्रहालय

मन प्रफुल्लित हो गया, देख संग्रह स्थान। सुंदर सारे चीज है, मूर्ति बना किसान।।1।। संग्रहालय जनपथ का, दिल्ली में है आज। भारत के सब...

क्रमाॅंक:- 464, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- मौसम में सजा दालान

प्रिय बैठा दालान में, लेकर पुस्तक हाथ। सुंदर से इतिहास को, मिलकर पढ़ते साथ।।1।।। बारिश के बौछार से, मन में है आनंद। खुले हुए दाल...

क्रमाॅंक:- 463, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- अपमानित हुई नारियाँ

नारी प्रेमिल भाव से, सबको करती प्यार। नारी बिन सब सून है, यह सारा संसार।।1।। नारी देवी रूप है, दिवस मनाते आज। इज्जत नारी की सदा,...

क्रमाॅंक:- 462, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- कर्मभूमि

कर्मभूमि से हो रही, भारत की पहचान। सुंदर कर व्यवहार तू, सदा मिलेगा मान।।1।। मानव जीवन आज से, करो दुखों का अंत। मातृभूमि के नाम क...

क्रमाॅंक:- 461, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- मेरे सपनों का भारत

नील गगन आकाश से, सुंदर मेरा देश।  मेरे भारत वासियों, पहने सुंदर वेश।।1।। भाग्य चमकता देखकर, हो कष्टों का अंत। प्यारा भारत देश है...