क्रमाॅंक:- 533, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- स्वच्छता की दीप जलाओ

प्रिय को जग में जागरूकता फैलाना पड़ा है। दुनिया के लोगों को स्वच्छता सीखाना पड़ा है। अपने मातृभूमि को गंदा क्यों करें हम, माँ भा...

क्रमाॅंक:- 532, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- महिषासुर मर्दिनी

खुशियाँ  इतनी  दीजिये,गम  में  खुशी  समाय। दीन-हीन न कभी रहूँ, मात खुशी दे जाय।।1।। नाम  धर्म  के  कभी,मानव  को  मत  लूट। गलत कर...

क्रमाॅंक:- 531, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- प्रिय के दीवानी

अपनी काली जुल्फों से दीवाना मुझे बनाया। प्यार का इजहार कर दिल में मुझे बसाया।। माथे पर काली बिंदी होंठों पर लाली है। गोरे गोरे ग...

क्रमाॅंक:- 530, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- अम्बे भवानी आवत हे

जय हो जय हो दुर्गा महरानी।     बिगड़ी  मोर  बना दे  आज।।         सुग्घर साज दे मोर जिनगानी।             जय हो जय हो दुर्गा महरान...

क्रमाॅंक:- 529, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- माँ आने वाली है

माँ दुर्गा  के  मूर्ति को  मिट्टी से  बनाना है। माँ दुर्गा के मूर्ति को श्रृंगार से सजाना है।। नौ दिन नौ रात को उपवास हमें रहना ...

क्रमाॅंक:- 528, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- मोर छत्तीसगढ़ महतारी

सुंदर प्यारा राज्य 'छत्तीसगढ़'  उनका नाम। कहलाता 'धान का कटोरा' सुंदर करके काम।। छत्तीसगढ़ महतारी का एक अलग ही प...

क्रमाॅंक:- 527, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- भारत के दो लाल

बंदे में था दम  माँ भारती  के  दो लाल। अहिंसा के पुजारी से हिंद बना महान।। सादगी बना लाल बहादुर शास्त्री की पहचान। माँ भारती के ...

क्रमाॅंक:- 526, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष गीत- माँ दुर्गा भजन

मईया बिराजे हावय मोर निठोरा गाँव म। बैठे हावय भईया नीमवा के छाँव म। मोर गाँव के दुर्गा दाई तोला सुमरौ ओ।।--2 मोर निठोरा गाँव हे ...