क्रमाॅंक:- 403, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- दरक रहें हैं शैल
सूरज तपती धूप से; दरक रहें हैं शैल। खेतों में चलता नहीं; अब तो हल अरु बैल।।1। सारे पौधे काट कर; बंजर हुआ पहाड़। गिरता ऊँचे शैल स...